➤ ऊना में बल्क ड्रग पार्क के लिए 98,683 वर्ग मीटर जमीन ली जाएगी
➤ औद्योगिक क्षेत्र को इंस्टीट्यूशनल एरिया से जोड़ने के लिए बनेगी सड़क और सुविधाएं
➤ 15 से 20 हजार रोजगार और 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क को औद्योगिक गतिविधियों के साथ एक व्यवस्थित इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम उठाया है। पार्क के लिए अब 98,683 वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। प्रस्तावित जमीन का इस्तेमाल बल्क ड्रग पार्क के औद्योगिक क्षेत्र को इंस्टीट्यूशनल एरिया से जोड़ने के साथ-साथ सड़क और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा। सरकार की योजना है कि पार्क में स्थापित होने वाली फार्मा कंपनियों के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को आसपास ही आवास और जरूरी सुविधाएं मिल सकें, ताकि पूरा क्षेत्र एक सुनियोजित औद्योगिक टाउनशिप के रूप में विकसित हो।
पीडब्ल्यूडी की ओर से यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार नियम, 2015 के नियम 4 के तहत जारी की गई है। अधिसूचना के तहत जिन क्षेत्रों में जमीन की आवश्यकता बताई गई है, उनमें जोड़ियां कुठार बीत, पुब्बोवाल, कुठार बीत, पंजुवाना, जोड़ियां पुब्बोवाल प्रथम और रोड़ा बालीवाल मोहाल शामिल हैं। इस जमीन को अधिग्रहित करने का उद्देश्य केवल औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार करना नहीं है, बल्कि पार्क से जुड़े कर्मचारियों और यहां आने वाले लोगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराना भी है।
1405 एकड़ में विकसित हो रहा बल्क ड्रग पार्क
ऊना में बल्क ड्रग पार्क करीब 1405 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना को फार्मा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार का मानना है कि पार्क के आसपास केवल कारखाने स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यहां काम करने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय और संस्थागत सुविधाओं का विकास भी जरूरी है।
इसी वजह से अतिरिक्त जमीन की जरूरत महसूस की गई है। प्रस्तावित विकास में स्कूल, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट, बैंकिंग सुविधाएं, मनोरंजन स्थल और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ आसपास का इलाका भी व्यवस्थित तरीके से विकसित होने की उम्मीद है।
बद्दी से लिया जा रहा सबक
बल्क ड्रग पार्क के लिए अतिरिक्त जमीन लेने के पीछे बद्दी औद्योगिक क्षेत्र का अनुभव भी एक कारण बताया गया है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित होने के बाद औद्योगिक गतिविधियां तो तेजी से बढ़ीं, लेकिन कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आसपास पर्याप्त स्तर की आवासीय, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाएं विकसित करना चुनौती बना रहा।
इसी वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी चंडीगढ़, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में रहना पसंद करते हैं। ऊना में विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही जरूरी संस्थागत और आवासीय ढांचे को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित करने की तैयारी
प्रस्तावित मॉडल में बल्क ड्रग पार्क के आसपास केवल औद्योगिक इकाइयां ही नहीं होंगी, बल्कि इंस्टीट्यूशनल एरिया, रेजिडेंशियल एरिया, कॉमर्शियल जोन और हाउसिंग कॉलोनियां विकसित करने की योजना पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे यहां काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है और उद्योगों के आसपास एक व्यवस्थित शहरी ढांचा तैयार किया जा सकता है।
अतिरिक्त जमीन के अधिग्रहण को इसी व्यापक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। सड़क संपर्क और अन्य सुविधाओं के बेहतर होने से औद्योगिक क्षेत्र और आसपास विकसित होने वाले आवासीय तथा संस्थागत क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
15 से 20 हजार रोजगार की उम्मीद
बल्क ड्रग पार्क से हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के अनुसार परियोजना से करीब 15 हजार से 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने की संभावना भी बताई गई है।
यदि परियोजना के साथ प्रस्तावित औद्योगिक और टाउनशिप सुविधाएं विकसित होती हैं, तो इसका असर केवल फार्मा उद्योग तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, किराये के आवास, स्थानीय सेवाओं, खुदरा कारोबार और अन्य क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
जमीन अधिग्रहण से बढ़ेगा परियोजना का दायरा
नई जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया से संकेत मिलता है कि बल्क ड्रग पार्क को केवल उत्पादन इकाइयों के समूह के रूप में विकसित करने के बजाय उसके आसपास एक व्यवस्थित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने पर जोर है। इसके लिए बेहतर सड़क संपर्क, आवास, संस्थागत सुविधाएं और सार्वजनिक सेवाओं को परियोजना के साथ जोड़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के आगे बढ़ने के बाद यह देखना होगा कि प्रस्तावित सुविधाओं और टाउनशिप से जुड़ी योजनाएं किस गति से जमीन पर उतरती हैं। ऊना में बल्क ड्रग पार्क के विस्तार के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद भी जुड़ी हुई है।



